कई फ़िल्म विशेषज्ञ जहां फ़िल्मों में डीटेलिंग के लिए आदित्य धर की तारीफ़ करते हैं तो वहीं उन पर प्रोपेगेंडा फ़िल्म बनाने के भी आरोप लगते हैं. फ़िल्मों में अब तक कैसा रहा उनका सफ़र?