भाजपा सांसद कंगना रनौत ने दिवाला और शोधन अक्षमता संशोधन विधेयक 2025 पर चर्चा में भाग लेते हुए दावा किया, 'कांग्रेस के शासन काल में उद्योगपतियों को ऋण देने के लिए तत्कालीन प्रधानमंत्री बैंकों को फोन किया करते थे।'